श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  2.7.4 
জয জগদীশ-গোপীনাথের ঈশ্বর
জয হৌক যত গৌরচন্দ্র-অনুচর
जय जगदीश-गोपीनाथेर ईश्वर
जय हौक यत गौरचन्द्र-अनुचर
 
 
अनुवाद
जगदीश और गोपीनाथ भगवान की जय हो! भगवान गौरचन्द्र के पार्षदों की जय हो!
 
Glory to Lord Jagadish and Gopinath! Glory to the associates of Lord Gaurachandra!
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)