श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  2.7.29 
তবে সে করেন পূজা-আদি-নিত্য-কর্ম
ইহা সর্ব-পণ্ডিতেরে বুঝাযেন ধর্ম
तबे से करेन पूजा-आदि-नित्य-कर्म
इहा सर्व-पण्डितेरे बुझायेन धर्म
 
 
अनुवाद
फिर वह भगवान की पूजा करता है और अपने अन्य नियमित कर्तव्यों का पालन करता है। इस प्रकार वह सभी विद्वानों को धार्मिक सिद्धांतों की शिक्षा देता है।
 
He then worships God and performs his other regular duties. Thus, he teaches religious principles to all the learned people.
तात्पर्य
साधारण गौरवशाली विद्वान गंगा में स्‍नान कर अपने पापों के प्रतिकर्मों को शुद्ध करते हैं | लेकिन पुण्‍डरीक ने गंगा की महिमा प्रकट करने के लिए अपने पूजन को शुरू करने से पहले ही गंगा का जल पिया था | प्रभु की पूजा का यह उचित आचरण कई व्यक्तियों ने किया |
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)