श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.7.19 
আমা-সবার ভাগ্য হৌক তানে জানি
তাঙ্র জন্ম-কর্ম কোথা? কহ প্রভু শুনি”
आमा-सबार भाग्य हौक ताने जानि
ताङ्र जन्म-कर्म कोथा? कह प्रभु शुनि”
 
 
अनुवाद
"हमें उन्हें जानने का सौभाग्य प्राप्त हो। कृपया हमें बताएँ कि उनका जन्म कहाँ हुआ था और उनकी गतिविधियाँ क्या हैं।"
 
"May we have the privilege of knowing him. Please tell us where he was born and what his activities are."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)