श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.7.15 
প্রভু যে ক্রন্দন করে তান নাম
লৈযাভক্ত সব কেহ কিছু না বুঝেন ইহা
प्रभु ये क्रन्दन करे तान नाम
लैयाभक्त सब केह किछु ना बुझेन इहा
 
 
अनुवाद
भक्तगण यह समझ नहीं पाए कि भगवान यह नाम पुकारते हुए क्यों रोये।
 
The devotees could not understand why God cried while calling this name.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)