श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 146
 
 
श्लोक  2.7.146 
পরানন্দ হৈলেন সর্ব-ভক্ত-গণে
হেন প্রেমনিধি পুণ্ডরীক-দরশনে
परानन्द हैलेन सर्व-भक्त-गणे
हेन प्रेमनिधि पुण्डरीक-दरशने
 
 
अनुवाद
प्रेम के सागर पुण्डरीक को देखकर सभी भक्तगण आनंद से भर गए।
 
All the devotees were filled with joy after seeing Pundrik, the ocean of love.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)