श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 140
 
 
श्लोक  2.7.140 
“ইঙ্হার পদবী ঽপুণ্ডরীক বিদ্যানিধি’
প্রেম-ভক্তি বিলাইতে গডিলেন বিধি”
“इङ्हार पदवी ऽपुण्डरीक विद्यानिधि’
प्रेम-भक्ति बिलाइते गडिलेन विधि”
 
 
अनुवाद
"उनका नाम पुण्डरीक विद्यानिधि है। ईश्वर ने उन्हें प्रेमपूर्ण भक्ति प्रदान करने के लिए उत्पन्न किया है।"
 
"His name is Pundarik Vidyanidhi. God has created him to bestow loving devotion."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)