vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन
»
श्लोक 140
श्लोक
2.7.140
“ইঙ্হার পদবী ঽপুণ্ডরীক বিদ্যানিধি’
প্রেম-ভক্তি বিলাইতে গডিলেন বিধি”
“इङ्हार पदवी ऽपुण्डरीक विद्यानिधि’
प्रेम-भक्ति बिलाइते गडिलेन विधि”
अनुवाद
"उनका नाम पुण्डरीक विद्यानिधि है। ईश्वर ने उन्हें प्रेमपूर्ण भक्ति प्रदान करने के लिए उत्पन्न किया है।"
"His name is Pundarik Vidyanidhi. God has created him to bestow loving devotion."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×