श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 132
 
 
श्लोक  2.7.132 
তখন সে জানিলেন সর্ব-ভক্ত-গণ
বিদ্যানিধি গোসাঞির হৈল আগমন
तखन से जानिलेन सर्व-भक्त-गण
विद्यानिधि गोसाञिर हैल आगमन
 
 
अनुवाद
तब सभी भक्तों को विद्यानिधि गोसानी के आगमन के बारे में पता चला।
 
Then all the devotees came to know about the arrival of Vidyanidhi Gosani.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)