श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 128
 
 
श्लोक  2.7.128 
সর্ব-জগতের বাপ, উদ্ধার করিলাসবে
মাত্র মোরে তুমি একেলা বঞ্চিলা”
सर्व-जगतेर बाप, उद्धार करिलासबे
मात्र मोरे तुमि एकेला वञ्चिला”
 
 
अनुवाद
“मेरे बच्चे, तुमने पूरी दुनिया को मुक्ति दिलाई है। केवल मैं ही ठगा गया हूँ।”
 
"My child, you have redeemed the whole world. Only I have been deceived."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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