श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 124
 
 
श्लोक  2.7.124 
সর্ব-সঙ্গ ছাডি’ একেশ্বর-মাত্র হৈযা
প্রভু দেখি’ মাত্র পডিলেন মূর্ছা হৈযা
सर्व-सङ्ग छाडि’ एकेश्वर-मात्र हैया
प्रभु देखि’ मात्र पडिलेन मूर्छा हैया
 
 
अनुवाद
वह सबको छोड़कर अकेला आया और प्रभु को देखते ही बेहोश हो गया।
 
He left everyone and came alone and fainted as soon as he saw the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)