श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 121
 
 
श्लोक  2.7.121 
সে-দিন মুকুন্দ-সঙ্গে হৈযা বিদায
আইলেন গদাধর যথা গৌর-রায
से-दिन मुकुन्द-सङ्गे हैया विदाय
आइलेन गदाधर यथा गौर-राय
 
 
अनुवाद
उस दिन मुकुन्द से विदा लेकर गदाधर भगवान गौरांग के दर्शन के लिए चले गये।
 
That day, after taking leave from Mukunda, Gadadhara went to see Lord Gauranga.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)