श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 120
 
 
श्लोक  2.7.120 
ইহাতে সঙ্কল্প-সিদ্ধি হৈবে তোমার”
শুনি’ গদাধর হর্ষে হৈলা নমস্কার
इहाते सङ्कल्प-सिद्धि हैबे तोमार”
शुनि’ गदाधर हर्षे हैला नमस्कार
 
 
अनुवाद
“आज आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।” यह सुनकर गदाधर ने प्रसन्नतापूर्वक उन्हें प्रणाम किया।
 
“Today your wish will be fulfilled.” Hearing this, Gadadhara bowed to him happily.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)