vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन
»
श्लोक 120
श्लोक
2.7.120
ইহাতে সঙ্কল্প-সিদ্ধি হৈবে তোমার”
শুনি’ গদাধর হর্ষে হৈলা নমস্কার
इहाते सङ्कल्प-सिद्धि हैबे तोमार”
शुनि’ गदाधर हर्षे हैला नमस्कार
अनुवाद
“आज आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।” यह सुनकर गदाधर ने प्रसन्नतापूर्वक उन्हें प्रणाम किया।
“Today your wish will be fulfilled.” Hearing this, Gadadhara bowed to him happily.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×