এই যে আইসে শুক্ল-পক্ষের দ্বাদশীসর্ব-
শুভ-লগ্ন ইথি মিলিবেক আসি’
एइ ये आइसे शुक्ल-पक्षेर द्वादशीसर्व-
शुभ-लग्न इथि मिलिबेक आसि’
अनुवाद
“सबसे शुभ क्षण अगली द्वादशी को मिलेगा।
“The most auspicious moment will be on the next Dwadashi.
तात्पर्य
हर माह में एक द्वादशी शुक्ल पक्ष में आती है। हर दिन में बारह लग्न एक के बाद एक आते रहते हैं। सभी शुभ फल देने वाले विशेष क्षण को इंगित करने के लिए लेखक ने इस श्लोक में सर्वशुभलक्षण शब्द का प्रयोग किया है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥