श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 112
 
 
श्लोक  2.7.112 
“ব্যবহার-ঠাকুরাল দেখিযা তোমার
পূর্বে কিছু চিত্ত-দোষ জন্মিল উহান
“व्यवहार-ठाकुराल देखिया तोमार
पूर्वे किछु चित्त-दोष जन्मिल उहान
 
 
अनुवाद
“तुम्हारा आचरण और ऐश्वर्य देखकर उसके मन में संदेह उत्पन्न हुआ।
 
“Seeing your behavior and wealth, doubts arose in his mind.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)