vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन
»
श्लोक 103
श्लोक
2.7.103
এ পথে প্রবিষ্ট যত, সব ভক্ত-গণে
উপদেষ্টা অবশ্য করেন এক-জনে
ए पथे प्रविष्ट यत, सब भक्त-गणे
उपदेष्टा अवश्य करेन एक-जने
अनुवाद
“भक्ति मार्ग पर चलने वाले सभी भक्तों के पास एक आध्यात्मिक गुरु होना चाहिए।
“All devotees following the path of devotion must have a spiritual master.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×