श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  2.6.99 
এতেক প্রভুর বাক্য অদ্বৈত শুনিযা
ঊর্ধ্ব বাহু করি’ কান্দে সস্ত্রীক হৈযা
एतेक प्रभुर वाक्य अद्वैत शुनिया
ऊर्ध्व बाहु करि’ कान्दे सस्त्रीक हैया
 
 
अनुवाद
भगवान के वचन सुनकर अद्वैत और उनकी पत्नी ने अपने हाथ ऊपर उठाए और रोने लगे।
 
Hearing the words of the Lord, Advaita and his wife raised their hands and started crying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)