श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  2.6.96 
দেখিযা জীবের দুঃখ না পারি সহিতে
আমারে আনিলে সব জীব উদ্ধারিতে
देखिया जीवेर दुःख ना पारि सहिते
आमारे आनिले सब जीव उद्धारिते
 
 
अनुवाद
“आप जीवों के दुःख को सहन नहीं कर सकते थे, इसलिए आपने उन्हें मुक्ति दिलाने के लिए मुझे लाया है।
 
“You could not bear the suffering of the living beings, so you brought me to liberate them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)