श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 94
 
 
श्लोक  2.6.94 
“তোমার সঙ্কল্প লাগি’ অবতীর্ণ আমি
বিস্তর আমার আরাধনা কৈলে তুমি
“तोमार सङ्कल्प लागि’ अवतीर्ण आमि
विस्तर आमार आराधना कैले तुमि
 
 
अनुवाद
“मैं आपकी प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए उतरा हूँ, क्योंकि आपने मेरी अत्यधिक आराधना की है।
 
“I have come down to fulfill your promise, because you have worshipped me so much.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)