श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  2.6.93 
পরম-সদয-মতি প্রভু বিশ্বম্ভর
চাহিযা অদ্বৈত-প্রতি করিলা উত্তর
परम-सदय-मति प्रभु विश्वम्भर
चाहिया अद्वैत-प्रति करिला उत्तर
 
 
अनुवाद
परम दयालु भगवान विश्वम्भर ने अद्वैत को देखा और इस प्रकार बोले।
 
The most compassionate Lord Visvambhara looked at Advaita and spoke thus.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)