श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  2.6.92 
মহা-ঠাকুরাল দেখি’ পাইলা সṁভ্রম
পতি-পত্নী কিছু বলিবার নহে ক্ষম
महा-ठाकुराल देखि’ पाइला सꣳभ्रम
पति-पत्नी किछु बलिबार नहे क्षम
 
 
अनुवाद
उन ऐश्वर्यों को देखकर पति-पत्नी दोनों इतने आश्चर्यचकित हो गए कि उनके मुँह से शब्द ही नहीं निकल रहे थे।
 
Seeing those luxuries, both husband and wife were so surprised that they were speechless.
तात्पर्य
श्री गौरासुंदर के ऐसे अपार वैभव को देखकर, अध्वैता आचार्य और उनकी पत्नी स्तब्ध और अवाक रह गए।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)