श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  2.6.90 
কোটি কোটি নাগ-বধু সজল-নযনে
’কৃষ্ণ’ বলি স্তুতি করে দেখে বিদ্যমানে
कोटि कोटि नाग-वधु सजल-नयने
’कृष्ण’ बलि स्तुति करे देखे विद्यमाने
 
 
अनुवाद
लाखों नाग पत्नियाँ आँखों में आँसू लिए कृष्ण का नाम जपते हुए भगवान की प्रार्थना कर रही थीं।
 
Lakhs of snake wives were praying to God with tears in their eyes, chanting the name of Krishna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)