श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  2.6.89 
অন্তরীক্ষে পরিপূর্ণ দেখে দিব্য-রথ
গজ-হṁস-অশ্বে নিরোধিল বাযু-পথ
अन्तरीक्षे परिपूर्ण देखे दिव्य-रथ
गज-हꣳस-अश्वे निरोधिल वायु-पथ
 
 
अनुवाद
उसने देखा कि सारा आकाश दिव्य रथों से भरा हुआ है। वायुमार्ग हाथियों, हंसों और घोड़ों से भरे हुए हैं।
 
He saw that the entire sky was filled with celestial chariots. The airways were filled with elephants, swans, and horses.
तात्पर्य
वाक्यांश gaja-haṁsa-aśve हस्ती, हंस और घोड़े को दर्शाते हैं जो कि देवताओं के वाहक होते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)