श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 85
 
 
श्लोक  2.6.85 
উলটি’ আচার্য দেখে চরণের তলে
সহস্র সহস্র দেব পডি’ ’কৃষ্ণ’ বলে
उलटि’ आचार्य देखे चरणेर तले
सहस्र सहस्र देव पडि’ ’कृष्ण’ बले
 
 
अनुवाद
अद्वैत आचार्य ने अपना सिर घुमाया और देखा कि हजारों देवता भगवान के चरणों में कृष्ण का नाम जप रहे हैं।
 
Advaita Acharya turned his head and saw thousands of demigods chanting the name of Krishna at the feet of the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)