श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  2.6.83 
মকর-বাহন-রথ এক বরাঙ্গনা
দণ্ড-পরণামে আছে যেন গঙ্গা-সমা
मकर-वाहन-रथ एक वराङ्गना
दण्ड-परणामे आछे येन गङ्गा-समा
 
 
अनुवाद
उन्होंने देखा कि गंगा जैसी दिखने वाली एक सुन्दर स्त्री शार्क पर बैठी हुई भगवान को प्रणाम कर रही है।
 
He saw a beautiful woman resembling Ganga sitting on a shark and paying obeisance to the Lord.
तात्पर्य
एक अद्भुत स्त्री जो गंगा से मिलती जुलती थी वह एक शार्क द्वारा खींचे गए रथ से प्रणाम कर रही थी।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)