वे भगवान के समक्ष आये, उनके चरण कमलों में शरण ली, जो निर्भयता प्रदान करते हैं, तथा उनकी अद्वितीय सुन्दरता को देखा, जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को मोहित कर लेती है।
He came before the Lord, took refuge in His lotus feet, which bestow fearlessness, and saw His matchless beauty, which captivates the entire universe.
तात्पर्य
निर्भय-पाद पद श्री गौरसुन्दर के कमलों को दर्शाता है, जो निर्भयता प्रदान करते हैं। श्री गौरसुन्दर ईश्वर के व्यक्तित्व हैं, जो पूरे ब्रम्हांड द्वारा पूजे जाने योग्य हैं, जैसा कि श्रीमद् भागवतम् (11.2.45) में कहा गया है: सर्व-भूतेषु यः पश्येद भगवद्-भावम् आत्मनः-"सबसे उन्नत भक्त हर चीज में सभी आत्माओं की आत्मा, ईश्वर के सर्वोच्च व्यक्तित्व, श्री कृष्ण को देखता है।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥