श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  2.6.73 
দূরে থাকি’ দণ্ডবত্ করিতে করিতে
সস্ত্রীকে আইসে স্তব পডিতে পডিতে
दूरे थाकि’ दण्डवत् करिते करिते
सस्त्रीके आइसे स्तव पडिते पडिते
 
 
अनुवाद
अद्वैत आचार्य और उनकी पत्नी ने दूर से ही भगवान को प्रणाम किया और भगवान के पास जाकर प्रार्थना की।
 
Advaita Acharya and his wife bowed to the Lord from a distance and went to the Lord and prayed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)