श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 71
 
 
श्लोक  2.6.71 
আনন্দে চলিলা পুনঃ রামাই পণ্ডিত
সকল অদ্বৈত-স্থানে করিলা বিদিত
आनन्दे चलिला पुनः रामाइ पण्डित
सकल अद्वैत-स्थाने करिला विदित
 
 
अनुवाद
रमाई पंडित पुनः प्रसन्नतापूर्वक गए और अद्वैत को भगवान ने जो कुछ कहा था, वह सब समझाया।
 
Ramai Pandita went again happily and explained to Advaita everything that the Lord had said.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)