vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन
»
श्लोक 70
श्लोक
2.6.70
আন গিযাশীঘ্র তুমি হেথাই তাহানে
প্রসন্ন শ্রী-মুখে আমি বলিল আপনে”
आन गियाशीघ्र तुमि हेथाइ ताहाने
प्रसन्न श्री-मुखे आमि बलिल आपने”
अनुवाद
“जल्दी जाओ और उसे यहाँ ले आओ। मैं ख़ुशी से अपने मुँह से यह कह रहा हूँ।”
"Go quickly and bring him here. I'm glad to say it with my own mouth."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×