श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 68
 
 
श्लोक  2.6.68 
’নাডা আইসে’ বলি’ প্রভু মস্তক ঢুলায
“জানিযা ও মোরে নাডা চালযে সদায
’नाडा आइसे’ बलि’ प्रभु मस्तक ढुलाय
“जानिया ओ मोरे नाडा चालये सदाय
 
 
अनुवाद
भगवान ने अपना सिर घुमाया और कहा, "नादा आ रहे हैं। वे मुझे अच्छी तरह जानते हैं, फिर भी वे हमेशा मेरी परीक्षा लेते हैं।"
 
The Lord turned his head and said, "Nada is coming. He knows me well, yet he always tests me."
तात्पर्य
"हालांकि अद्वैत मुझे अच्छी तरह से जानता है, लेकिन वह हमेशा मेरी परीक्षा लेता है।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)