श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  2.6.60 
প্রায যত চৈতন্যের নিজ ভক্ত-গণ
প্রভুর ইচ্ছায সব মিলিলা তখন
प्राय यत चैतन्येर निज भक्त-गण
प्रभुर इच्छाय सब मिलिला तखन
 
 
अनुवाद
भगवान चैतन्य के लगभग सभी भक्त भगवान की इच्छा से वहां एकत्रित हुए।
 
Almost all the devotees of Lord Chaitanya gathered there by the will of the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)