श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  2.6.49 
রামাই বলেন,—“প্রভু মুঞি কি কহিমু
যদি মোর ভাগ্যে থাকে, নযনে দেখিমু
रामाइ बलेन,—“प्रभु मुञि कि कहिमु
यदि मोर भाग्ये थाके, नयने देखिमु
 
 
अनुवाद
रमाई बोली, "हे प्रभु, मैं क्या कहूँ? अगर मेरा भाग्य अच्छा रहा, तो मैं यह सब अपनी आँखों से देखूँगी।"
 
Ramai said, "O Lord, what can I say? If I am lucky, I will see all this with my own eyes."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)