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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन
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श्लोक 46
श्लोक
2.6.46
অদ্বৈত বলযে,—“শুন রামাই পণ্ডিত
মোর প্রভু হন, তবে মোহার প্রতীত
अद्वैत बलये,—“शुन रामाइ पण्डित
मोर प्रभु हन, तबे मोहार प्रतीत
अनुवाद
अद्वैत प्रभु ने कहा, "हे रामाय पंडित, सुनो। अगर वह मेरे भगवान की तरह काम करेगा, तो मुझे उस पर विश्वास होगा।"
Advaita Prabhu said, "O Ramay Pandit, listen. If he acts like my Lord, I will believe him."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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