श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  2.6.45 
রামাইরে বলে,—“প্রভু কি বলিলা মোরে?”
রামাই বলেন,—“ঝাট চলিবার তরে”
रामाइरे बले,—“प्रभु कि बलिला मोरे?”
रामाइ बलेन,—“झाट चलिबार तरे”
 
 
अनुवाद
उसने रामाई से पूछा, “प्रभु ने मुझसे क्या कहा?” रामाई ने उत्तर दिया, “तुरंत आओ।”
 
He asked Ramai, “What did the Lord say to me?” Ramai replied, “Come immediately.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)