श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  2.6.42 
কান্দেন অদ্বৈত পত্নী-পুত্রের সহিতে
অনুচর সব বেডি’ কাঙ্দে চারি ভিতে
कान्देन अद्वैत पत्नी-पुत्रेर सहिते
अनुचर सब वेडि’ काङ्दे चारि भिते
 
 
अनुवाद
अद्वैत, उसकी पत्नी और पुत्र सभी रो पड़े। उनके आस-पास के सभी नौकर भी रो पड़े।
 
Advaita, his wife, and son all wept. So did all the servants around them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)