श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  2.6.41 
অদ্বৈতের তনয ’অচ্যুতানন্দ’ নাম
পরম বালক সেহো কান্দে অবিরাম
अद्वैतेर तनय ’अच्युतानन्द’ नाम
परम बालक सेहो कान्दे अविराम
 
 
अनुवाद
यद्यपि अद्वैत के पुत्र अच्युतानन्द एक छोटे बालक थे, फिर भी वे निरन्तर रोते रहते थे।
 
Although Advaita's son Achyutananda was a small child, he would cry incessantly.
तात्पर्य
उस समय, अद्वैत के पुत्र अच्युतानंद एक बच्चे थे। अच्युतानंद जी के प्रकट होने का अनुमानित वर्ष 1423 शक (1502 ई.) है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)