श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  2.6.4 
জয শ্রী-পরমানন্দ-পুরীর জীবন
জয দামোদর-স্বরূপের প্রাণ-ধন
जय श्री-परमानन्द-पुरीर जीवन
जय दामोदर-स्वरूपेर प्राण-धन
 
 
अनुवाद
परमानंद पुरी के जीवन और आत्मा की जय हो! स्वरूप दामोदर के जीवन और धन की जय हो!
 
Victory to the life and soul of Paramananda Puri! Victory to the life and wealth of Swarupa Damodar!
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)