श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  2.6.39 
“মোর লাগি’ প্রভু আইলা বৈকুণ্ঠ ছাডিযা”
এত বলি’ কান্দে পুনঃ ভূমিতে পডিযা
“मोर लागि’ प्रभु आइला वैकुण्ठ छाडिया”
एत बलि’ कान्दे पुनः भूमिते पडिया
 
 
अनुवाद
“मेरे कारण ही भगवान वैकुण्ठ से आये हैं।” ऐसा कहकर वे भूमि पर लोटने लगे और रोने लगे।
 
“It is because of me that the Lord has come from Vaikuntha.” Saying this, he rolled on the ground and wept.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)