श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  2.6.32 
ভক্তি-যোগ বিলাইতে তাঙ্র আগমন
তোমারে সে আজ্ঞা করিবারে বিবর্তন
भक्ति-योग विलाइते ताङ्र आगमन
तोमारे से आज्ञा करिबारे विवर्तन
 
 
अनुवाद
"वह भक्ति सेवा वितरित करने के लिए आए हैं। उन्होंने आपको अपने साथ शामिल होने का आदेश दिया है।"
 
"He has come to distribute devotional service. He has ordered you to join him."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)