श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  2.6.23 
কি বুঝযে অদ্বৈতের চরিত্র গহন
জানিযা ও নানা মত করযে কথন
कि बुझये अद्वैतेर चरित्र गहन
जानिया ओ नाना मत करये कथन
 
 
अनुवाद
अद्वैत के गंभीर लक्षणों को कौन समझ सकता है? यद्यपि वह सब कुछ जानता है, फिर भी वह एक साधारण व्यक्ति की तरह व्यवहार करता है।
 
Who can understand the profound qualities of Advaita? Although he knows everything, he behaves like an ordinary person.
तात्पर्य
अद्वैत का लीला अत्यंत गोपनीय होता है, यद्यपि वे सर्वज्ञ हैं, परंतु अज्ञानी के समान आचरण करते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)