श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 175
 
 
श्लोक  2.6.175 
চৈতন্য-অদ্বৈতে যত হৈল প্রেম-কথা
সকল জানেন সরস্বতী জগন্-মাতা
चैतन्य-अद्वैते यत हैल प्रेम-कथा
सकल जानेन सरस्वती जगन्-माता
 
 
अनुवाद
केवल ब्रह्माण्ड की माता सरस्वती ही भगवान चैतन्य और अद्वैत प्रभु के बीच हुए प्रेमपूर्ण वार्तालाप के बारे में सब कुछ जानती हैं।
 
Only Saraswati, the Mother of the Universe, knows everything about the loving conversation between Lord Chaitanya and Advaita Prabhu.
तात्पर्य
समस्त ध्वनि-कंपन की देवी, शुद्धा सरस्वती इस संसार के सभी भावों की माँ है। श्री चैतन्य और श्री नित्यानंद के सारे संवाद वो जानती हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)