श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 166
 
 
श्लोक  2.6.166 
ব্রহ্মা-ভব-নারদাদি যারে তপ করে
হেন ভক্তি বিলাইমু, বলিলুঙ্ তোমারে”
ब्रह्मा-भव-नारदादि यारे तप करे
हेन भक्ति बिलाइमु, बलिलुङ् तोमारे”
 
 
अनुवाद
"मैं उस भक्ति का वितरण करूँगा जिसके लिए ब्रह्मा, शिव और नारद आदि पुरुष तपस्या करते हैं। यह मैं आपको आश्वासन देता हूँ।"
 
"I will distribute the devotion for which men like Brahma, Shiva and Narada perform penance. I assure you of this."
तात्पर्य
"मैं चारों भावों वाले ब्रह्मा, शिव और नारद द्वारा की गई तपस्या के बराबर भक्ति सेवा (भगवान का प्रेम) प्रदान करके सबसे पापियों सहित सभी को लाभ पहुंचाऊंगा। यह मेरा आश्वासन है।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)