श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 162
 
 
श्लोक  2.6.162 
কি চাহিমু প্রভু, কিবাশেষ আছে আর
সাক্ষাতে দেখিলুঙ্ প্রভু, তোর অবতার
कि चाहिमु प्रभु, किबाशेष आछे आर
साक्षाते देखिलुङ् प्रभु, तोर अवतार
 
 
अनुवाद
"हे प्रभु, मैं और क्या माँगूँ? इससे ज़्यादा क्या चाहिए? मैंने आपके अवतार का प्रत्यक्ष दर्शन किया है।"
 
"O Lord, what more can I ask for? What more do I need? I have seen your incarnation in person."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)