श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 161
 
 
श्लोक  2.6.161 
তোমারে সাক্ষাত্ করি’ আপনে নাচিলুঙ্
চিত্তের অভীষ্ট যত সকল পাইলুঙ্
तोमारे साक्षात् करि’ आपने नाचिलुङ्
चित्तेर अभीष्ट यत सकल पाइलुङ्
 
 
अनुवाद
"मैंने आपके सामने नृत्य किया है। अब मेरी सभी इच्छाएँ पूरी हो गई हैं।"
 
"I have danced before you. Now all my wishes have been fulfilled."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)