श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.6.16 
শ্রীবাস-অনুজ রাম আজ্ঞাশিরে ধরি’
সেই-ক্ষণে চলিলা স্মঙরি’ ’হরি হরি’
श्रीवास-अनुज राम आज्ञाशिरे धरि’
सेइ-क्षणे चलिला स्मङरि’ ’हरि हरि’
 
 
अनुवाद
भगवान की आज्ञा पाकर श्रीवास के सबसे छोटे भाई रामै ने भगवान हरि का स्मरण किया और तुरंत चले गए।
 
Upon receiving the Lord's permission, Srivasa's youngest brother Ramai remembered Lord Hari and immediately left.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)