যে না বুঝি’ দোঙ্হার কলহ, পক্ষ ধরে
একে বন্দে, আরে নিন্দে, সেই জন মরে
ये ना बुझि’ दोङ्हार कलह, पक्ष धरे
एके वन्दे, आरे निन्दे, सेइ जन मरे
अनुवाद
यदि कोई व्यक्ति उनके झगड़ों को नहीं समझता, एक का पक्ष लेता है और दूसरे की आलोचना करते हुए उसका सम्मान करता है, तो वह पराजित हो जाता है।
If a person does not understand their conflicts, takes the side of one and respects him while criticizing the other, he is defeated.
तात्पर्य
जो श्री नित्यानंद और श्री अद्वैत के बीच हुए वार्तालाप को, वार्ताकारों के आंतरिक भाव को न समझते हुए, "झगड़े" मानते हैं, और जो एक का पक्ष लेकर दूसरे में दोष निकालते हैं, इस प्रकार एक का सम्मान करते हैं और दूसरे की निन्दा करने का दुस्साहस करते हैं - ऐसे व्यक्ति पूरी तरह से बरबाद हो जाते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥