vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन
»
श्लोक 148
श्लोक
2.6.148
যাইবে কোথায আজি রাখিমু বান্ধিযা”
ক্ষণে বলে প্রভু, ক্ষণে বলে মাতালিযা
याइबे कोथाय आजि राखिमु बान्धिया”
क्षणे बले प्रभु, क्षणे बले मातालिया
अनुवाद
“आज मैं तुम्हें बाँध दूँगा, फिर तुम कहाँ जाओगे?” कभी अद्वैत नित्यानंद को प्रभु कहकर संबोधित करते थे, तो कभी उन्हें शराबी कहते थे।
“Today I will tie you up, then where will you go?” Sometimes Advaita addressed Nityananda as Prabhu, and sometimes he called him a drunkard.
तात्पर्य
शब्द मातालिया का अर्थ है "पागलपन" या "मत्त"।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×