vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन
»
श्लोक 147
श्लोक
2.6.147
হাসি’ বলে,—“ভাল হৈল আইলা নিতাই
এত-দিন তোমার নাগালি নাহি পাই
हासि’ बले,—“भाल हैल आइला निताइ
एत-दिन तोमार नागालि नाहि पाइ
अनुवाद
वह मुस्कुराया और बोला, "हे निताई, अच्छा हुआ कि तुम आ गए। बहुत दिनों से मैं तुम्हें देख नहीं पाया था।"
He smiled and said, "Oh Nitai, it's good that you have come. I haven't seen you for a long time."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×