श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 146
 
 
श्लोक  2.6.146 
ধাইযা ধাইযা যায ঠাকুরের পাশে
নিত্যানন্দ দেখিযা ভ্রুকুটি করি’ হাসে
धाइया धाइया याय ठाकुरेर पाशे
नित्यानन्द देखिया भ्रुकुटि करि’ हासे
 
 
अनुवाद
जब वे भगवान के पास पहुंचे और नित्यानंद को देखा तो उन्होंने अपनी भौहें उठाते हुए मुस्कुराया।
 
When he reached the Lord and saw Nityananda, he raised his eyebrows and smiled.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)