श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 141
 
 
श्लोक  2.6.141 
উঠিল কীর্তন-ধ্বনি অতি মনোহর
নাচেন অদ্বৈত গৌরচন্দ্রের গোচর
उठिल कीर्तन-ध्वनि अति मनोहर
नाचेन अद्वैत गौरचन्द्रेर गोचर
 
 
अनुवाद
जैसे ही कीर्तन की अत्यंत मनमोहक ध्वनि उठी, अद्वैत प्रभु भगवान गौरचन्द्र के समक्ष नृत्य करने लगे।
 
As the most enchanting sound of kirtan arose, Advaita Prabhu began to dance before Lord Gaurachandra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)