श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 140
 
 
श्लोक  2.6.140 
পাইযা প্রভুর আজ্ঞা অদ্বৈত-গোসাঞি
নানা-ভক্তি-যোগে নৃত্য করে সেই ঠাঞি
पाइया प्रभुर आज्ञा अद्वैत-गोसाञि
नाना-भक्ति-योगे नृत्य करे सेइ ठाञि
 
 
अनुवाद
भगवान से निर्देश पाकर अद्वैत गोसांई विभिन्न भक्ति भावों में नृत्य करने लगे।
 
After receiving instructions from God, Advaita Goswami started dancing in various devotional expressions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)