श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.6.14 
নির্জনে কহি ও নিত্যানন্দ-আগমন
যে কিছু দেখিলা, তাঙ্রে কহি ও কথন
निर्जने कहि ओ नित्यानन्द-आगमन
ये किछु देखिला, ताङ्रे कहि ओ कथन
 
 
अनुवाद
“नित्यानंद के आगमन तथा जो कुछ भी तुमने देखा है, उसके बारे में भी उन्हें गुप्त रूप से सूचित करो।
 
“Inform him secretly about Nityananda's arrival and also about what you have seen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)